‘जयपुर ज्वेलरी शो‘ 20 से 23 दिसम्बर तक, टीवी चैनल इंडोलोजी पर होगा लाइव टेलिकॉस्ट

जयपुर। जयपुर ज्वेलरी शो का आयोजन ‘इनस्पायर टू क्रिएट फैशन स्टेट्मेंट’ थीम के साथ सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में 20 से 23 दिसंबर को होने जा रहा है। जेजेएस दिसंबर शो के रूप में दुनिया भर में अपनी खास पहचान बना चुका है, जिसमें शीर्ष जवाहरात कारोबारी अपनी नयी डिजायन और बेहतरीन कारीगरी को प्रदर्शित करते हैं और देश-विदेश के सालाना कलैण्डर में जेजेएस को स्थान दिया जाता है। गत 15 वर्षो से जेजेएस के मुख्य अतिथि रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के विशिष्ठ शख्सियत होते हैं। इस वर्ष 20 दिसम्बर को प्रातः 10 बजे जेईसीसी पर जेजेएस के चीफ गेस्ट, टाइटन ग्रुप के प्रबंध निदेशक सी.के. वेंकटरमण होंगे। जैम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) के चेयरमेन प्रमोद अग्रवाल व जीजेसी के चेयरमैन अनंत पद्मनाभन गेस्ट ऑफ ऑनर होंगे। भारत के सबसे बड़े क्यूरेटेड ज्वैलरी एवं स्टाइल डेस्टिनेशन के टीवी चैनल इंडोलोजी जेजेएस 2019 का लाइव टेलिकॉस्ट करेगा।

जेजेएस चेयरमैन विमल चन्द सुराणा के अनुसार जयपुर के जवाहरात व्यापारियों को जेजेएस से अंतरराष्ट्रीय जवाहरात उद्योग का एक मंच मिला है। जेजेएस एवं ब्रान्ड जयपुर के चलते हीरा-जवाहरात उद्योग में पूरी दुनिया में प्रतिष्ठित संस्थान वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ डायमंड ब्रोरसेज, डॉयमंड टेडिंग कम्पनी, विश्व में ज्वेलरी, जेमस्टोन को बढ़ावा देने वाली संस्था सीबजो , रत्न एवं आभूषण क्षेत्र की सबसे सम्मानीय संस्था जैमोलोजिकल इंस्टिट्यूट ऑफ अमेरिका, जैम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, ऑल इंडिया जैम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल और इन्टरनेशनल कलर स्टोन जैसे संगठन जेजेएस से किसी न किसी रूप में जुडे है। हीरे खनन एवं मार्केटिंग में बडी कम्पनी रियो टिंटों व पन्ने माणक का शीर्ष ऑक्शन हाऊस जैमफील्डस् जेजेएस से लगातार जुडा हुआ है। अपनी भूमिका में जेजेएस केन्द्र व राज्य सरकार को भी जवाहरात उद्योग के विकास के परिदृश्य पर नियमित रूप से अवगत करा रहा है।

800 से अधिक बूथ्स होंगे : जेजेएस सचिव राजीव जैन ने बताया कि वर्ष 2003 में रश्मिकांत दुर्लभजी द्वारा शहर के एंटरटेनमेंट पैराडाइज में मात्र 67 स्टॉल्स के साथ जेजेएस की शुरूआत की गई थी। जेजेएस वर्ष 2019 में जेईसीसी में 800 से अधिक बूथ लगाए जाऐंगे। इनमें से 188 बूथ्स जेमस्टोन्स की होंगी जबकि 535 बूथ्स पर ज्वैलरी प्रदर्शित की जायेंगी। इसी प्रकार अलाईड मशीनरी, कास्ट्यूम ज्वैलरी एवं आर्टिफैक्टस की 62 बूथ्स होंगी। राजीव जैन ने कहा कि जेजेएस में इस वर्ष ज्वैलरी सैक्शन में लगभग 72 प्रतिशत डिजाइनर बूथस् हैं, जो जेजेएस का न केवल खूबसूरत बनायेगे…वरन् विजिटर्स को नयेपन का अहसास होगा। साथ ही इस वर्ष भी 3 बैस्ट बूथस् को ट्राफी भी दी जायेगी। जैन के अनुसार भारत के सबसे बड़े क्यूरेटेड ज्वैलरी एवं स्टाइल डेस्टिनेशन के टीवी चैनल इंडोलोजी द्वारा जेजेएस 2019 में लाइव टेलिकॉस्ट करेगा। जेजेएस में इस बार इंडोलोजी टेलीविजन चैनल के माध्यम से भी बिक्री की जाएगी, जो इस शो की खास विशेषताओं में से एक है। चैनल के लाइव स्टूडियो के माध्यम से एग्जीबिटर्स देश भर में अपनी ज्वैलरी प्रदर्शित कर बेच सकेंगे। उल्लेखनीय है कि इंडोलॉजी की विशाल रेंज में चुनिंदा क्यूरेटेड ज्वैलरी, लाईफस्टाईल एवं घरेलू प्रोडक्टस् के 9000 से अधिक डिजाइन शामिल हैं। प्रमुख डी2एच प्लेटफॉर्म्स और ई-कॉमर्स के माध्यम से प्रत्येक 10 मिनट में एक नए डिजाइन को प्रदर्शित करते हुए यह किफायती और पहनने योग्य रियल ज्वैलरी के 3 लाख से अधिक भारतीय ज्वैलरी प्रेमियों से जुडा हुआ है। टाटा स्काई (157), एयरटेल (123), डिशटीवी (157) चैनल, www.shopindology.com, इंडोलॉजी ऐप और यूट्यूब लाइव के माध्यम से 50 मिलियन से अधिक घरों में इंडोलॉजी की पहुंच है। फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से 1 मिलियन से अधिक लोगों के साथ इंडोलॉजी जुड़ी हुई है। इंडोलॉजी द्वारा अफॉर्डेबल लक्जरी प्रोडक्ट्स सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है। जैन के अनुसार जेजेएस के गत संस्करण की भांति इस वर्ष भी 800 से अधिक बूथ्स हैं। बूथ्स की संख्या के साथ-साथ एरिया में भी बढ़ोतरी यह स्पष्ट दर्शाती है कि जेजेएस में ना केवल पुराने एग्जीबिटर्स लगातार जुड़े हुए हैं, बल्कि नए एग्जीबिटर्स भी जयपुर के इस ब्रान्ड में भाग लेने में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। जेजेएस-2019 में लगभग 100 नए एक्जीबीटर्स भाग लेगे। जैन ने बताया कि अब जेजेएस को एमएसएमई द्वारा भी अनुमोदित किया गया है। एमएसएमई द्वारा रजिस्टर्ड एग्जीबिटर्स एमएसएमई के लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

जेजेएस-आईजे डिजायन अवार्ड फंक्शन : सह-संयोजक दिनेश खटोरिया ने बताया कि जेजेएस-आईजे ज्वैलर्स च्वॉइस डिजाइन अवार्ड्स के 9वें संस्करण का भव्य समारोह 20 दिसम्बर जेईसीसी के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा। विजेताओं को उनकी असाधारण ज्वैलरी डिजायन हेतु पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। इस समारोह में भारतीय जवाहरात उद्योग के गणमान्य व्यापारी और कई नामी फिल्मी हस्तियॉं शामिल होंगी। मुम्बई में 27 नवम्बर को आयोजित ग्रांड ज्यूरी मीट में भारत भर से आयी 600 डिजायन प्रविष्टियों में से 100 डिजाईन्स को शॉर्टलिस्ट किया जा चुका है। इस वर्ष के उच्चस्तीय ज्यूरी पैनल में निरूपा भट्ट, एमडी, जीआईए इंडिया एवं मिडिल ईस्ट; राजीव जैन, सैक्रेटरी जेजेएस; डॉ. ऊषा बालकृष्णन, कल्चरल कैपिटल कन्सलटेन्ट एण्ड ज्वैलरी हिस्टोरियन; शाहीन अब्बास, संस्थापक शाहीन अब्बास फाईन ज्वैलरी; सिद्धार्थ सिरोही, को-फाउन्डर एण्ड डिजाइनर (बारो); लतिका खन्ना, फाउन्डर एण्ड क्रिएटिव डाइरेक्टर लतिक; अहल्या एस, सीईओ कानकावली और तनिषा मुखर्जी, सेलिर्बिटी अभिनेत्री ने निर्णायक मंडल के रूप में पूरी प्रक्रिया में भाग लिया। इसमें शामिल होने के लिए इंडियन ज्वैलर पत्रिका द्वारा देशभर के आभूषण निर्माताओं, डिजाइनरों और रिटेलर्स को आमंत्रित किया गया था। सलेक्शन के प्रथम दौर में, देशभर के खुदरा विक्रेताओं द्वारा एक अनूठे ऑनलाइन फॉर्मेट में वोटिंग की गई। इसके आधार पर चयनित नॉमिनीज का फाइनल राउंड में जूरी सदस्यों के पैनल द्वारा अंतिम चयन किया गया। इस राउंड में जूरी सदस्यों द्वारा प्रत्येक डिजाइन को इनोवेशन, वियर-एबिलिटी, यूनिकनेस, फिनिशिंग, डिजाइनिंग और प्राइस पोइन्ट के आधार पर 1 से 5 अंक दिए गए।

जेजेएस होगा-दो लाख स्कवायर फीट एरिया : जेजेएस कोषाध्यक्ष कमल कोठारी ने बताया एग्जीबिटर्स द्वारा अधिक बूथ और बेहतर सुविधाओं की लगातार मांग को देखते हुए जेजेएस आयोजन समिति ने वर्ष 2014 में सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में जेजेएस के आयोजन का निर्णय लिया था। इस वर्ष जेजेएस में 2 लाख वर्ग फुट एरिया में रत्न एवं ज्वैलरी प्रोडक्टस् एवं सुविधा क्षेत्र में प्रयुक्त किया जायेगा। शो में इस वर्ष भी एग्जीबिटर्स को बेहतर फ्लोरिंग, लाईटिंग, कार्पेट और लाउंज के साथ पार्किंग और टायलेट्स की बेहतर सुविधा मिलेगी। कार पार्किंग के लिए अधिक स्थान उपलब्ध होगा और पार्टिसिपेंट्स और आगंतुकों के लिए भी बेहतर सुविधाएं होगी। कोठारी ने आगे बताया कि एक्जीबीटर्स की सुविधा को देखते हुए माल के इंश्योरेंस और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होगी, ताकि एक्जीबीर्ट्स प्रत्येक दिन शो खत्म होने के बाद सुरक्षित ढंग से अपना माल वैन्यू पर रख सकें एवं अगले दिन प्रातः अपना माल प्रदर्शन हेतु वापस ले सकें।

एक्जीबीटर्स की वेटिंग लिस्ट : जेजेएस के सहसचिव अशोक सिंघी ने बताया कि बूथ आवंटन में पारदर्शिता लाने के लिये चार्टेड एकाउन्टेन्ट कम्पनी आर. सोगानी एंड एसोसिएट्स की देखरेख में यह प्रक्रिया पूर्ण की गई है। जेजेएस 19 के बाद में वेटिंग लिस्ट बनी रहेगी, क्योंकि एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत बूथ आवंटित की जाती है। सिंघी के अनुसार शो में आने वाले विजिर्ट्स की सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए शो के प्रवेश द्वार पर विजिर्ट्स की सुविधा के लिये रजिस्ट्रेशन होगा। इसके अतिरिक्त शो के दौरान मेडिकल, एम्बूलेंस, दमकल के साथ ही सुरक्षा के लिए नियमित कदम उठाये जाएंगे।

जीजेसी के सदस्य करेंगे विजिट : जेजेएस संयुक्त सचिव अजय काला के अनुसार जेजेएस में ऑल इंडिया जैम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (जीजेसी) के सदस्य विशेष रूप आमंत्रित किए गए हैं। जीजेसी देश में जवाहरात के खुदरा कारोबार से जुड़े जौहरियों का शीर्ष संगठन है। जीजेसी के 50 से अधिक सदस्य जेजेएस में प्रदर्शित बूथों पर अपने शोरूमस् के लिए जवाहरात खरीददारी करने शो में आमंत्रित किया जाते है। जीजेसी के सदस्य जेजेएस के प्रथम दिन 20 दिसंबर को आयोजित जनरल बॉडी मीटिंग में भाग लेंगे। काला ने बताया कि इस वर्ष शो के लिए 5000 से अधिक नये ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। जबकि पिछले वर्ष आये हुए विजिटर्स का डेटा भी जेजेएस के पास है, जिससे शो के दौरान आये इन विजिटर्स को प्रवेश सुगमता से मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि शो की लोकप्रियता का अनुमान इस बात से लगता है कि बूथ लगाने वाले अधिकांश एक्जीबीर्ट्स विगत अनेक वर्षों से जेजेएस से जुडे हुए हैं। रिपीट एक्जीबिटर्स की संख्या लगभग 80 है जो जेजेएस के प्रति विश्वास को दर्शाता है। काला के अनुसार ‘दिसम्बर शो’ के रूप में लोकप्रिय जेजेएस में लगभग 40,000 देशी एवं विदेशी विजिटर्स के साथ यह देश का एक महत्वपूर्ण आयोजन बन चुका है। पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटकों और आगंतुकों के वार्षिक कैलेंडर में इस शो को शामिल किया गया है। अनेक टूर ऑपरेटरर्स ने इस प्रतिष्ठित शो को अपने यात्रा कार्यक्रम में शामिल किया है, जिससे विदेशी और भारतीय पर्यटक खास तौर से प्रवासी भारतीय जेजेएस में विजिट का विशेष प्लान बनाते हैं। उन्होंने बताया कि जेजेएस राष्ट्रीय स्तर पर ब्रान्ड के रूप में स्थापित हो चुका है। जेजेएस का प्रचार-प्रसार देश की प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं, कंज्यूमर मैग्जीन्स, ट्रेड प्रेस, दैनिक समाचार पत्र, एफएम रेडियो, आउटडोर पब्लिसिटी, इलेक्ट्रोनिक मीडिया व जेजेएस अपडेट के माध्यम से देशभर में किया गया है। काला ने बताया कि जेजेएस सभी बजट के लोगो के लिये एक सम्पूर्ण शो बना हुआ है जिसमें गोल्ड, सिल्वर, प्लेटिनियम, ब्रास व अन्य मूल्यवान धातुओं के साथ-साथ हीरा, माणक, पन्ना व लगभग 300 रंगीन रत्नों व उनकी ज्वैलरी एक्जीबिटर्स प्रदर्शित करते है। जैम एण्ड ज्वैलरी से जुडे अन्य क्षेत्र डिजायनिंग, मशीनरी, प्रकाशन, मैन्यूफैक्चरिंग के साथ-साथ ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूट को भी जोडा गया है।

जयपुर ज्वैलरी डिजाइन फेस्टिवल (जेजेडीएफ) जेजेएस का विशेष आकर्षण : कार्यकारिणी सदस्य डा. नवल अग्रवाल ने बताया कि गत वर्षों की भांति जयपुर ज्वैलरी डिजाइन फेस्टिवल (जेजेडीएफ) जेजेएस का विशेष आकर्षण साबित होगा। जेजेडीएफ का तीसरा संस्करण 20 दिसम्बर से 23 दिसम्बर को प्रातः 11 से सायं 7 बजे आयोजित किया जायेगा। जेजेएस द्वारा आयोजित इस फेस्टिवल का उद्देश्य ज्वैलरी डिजाइन को सेलिब्रेट करना जैम एण्ड ज्वैलरी उद्योग के मैन्यूफैक्चरिंग से मार्केटिंग के पहलूओं को आम जन को बताना है। इस फेस्टिवल में प्रख्यात ज्वैलरी डिजाइनर ब्रांड्स द्वारा प्रोडक्ट प्रदर्शन, कलात्मक रूप से जेमस्टोन प्रदर्शित करने के लिए एक आर्ट गैलरी, सेमिनार, पैनल डिस्कशन, ज्वैलरी का वर्चूअल डिस्प्ले, आदि सहित अनेक प्रकार की गतिविधियाँ होंगी। फेस्टिवल का स्वरूप देने के लिए यहां लाइब्रेरी, कैफेटेरिया और लाइव म्यूजिक भी होगा। डा. अग्रवाल के अनुसार जेजेडीएफ ज्वैलरी के कंटेम्पररी डिजाइन के क्षेत्र में नेटवर्किंग करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। यह इनोवेटिव एवं मार्डन ज्वैलरी में ट्रेडिशनल स्वरूप के फ्यूजन को प्रदर्शित करने के एक मंच के रूप में भी उभरेगा। डा अग्रवाल ने आगे बताया कि जेजेडीएफ के माध्यम से जेजेएस के विजिटर्स और पार्टिसिपेंट्स को फेस्टिवल की विभिन्न गतिविधियों जैसे – इनोवेटिव  डिस्प्ले – द गैलरी, कॉफ़ी टेबल बुक, स्किल वर्कशॉप्स, स्टाइलिस्ट वर्कशॉप्स, क्यूरेटेड वॉक्स, कॉफ़ी आईडिया बार, आर्ट  इंस्टालेशन, लाइब्रेरी, ब्लॉगर्स मीट, आदि का लाभ भी मिलेगा। जेजेएस द्वारा विगत वर्षों में जैम एण्ड ज्वैलरी ट्रेड में नवीन युग के साथ आये बदलावों और आवश्यकताओं के बारे में जागरूकता लाने का कार्य किया है। ‘डिजाइन’ इनमें से ही एक है। ऐसे में जेजेडीएफ के माध्यम से इस उद्योग से जुडे़ लोगो की क्रियेटिव आवश्यकताओं हेतु मंच प्रदान किया जायेगा।

500 से अधिक टॉप रिटेलर्स : कार्यकारिणी सदस्य विजय चौरडिया ने जानकारी दी कि इस वर्ष भारत के 500 से अधिक टॉप ज्वैलरी रिटेलर्स ने जेजेएस में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। जेजेएस के निमंत्रण पर ये रिटेलर्स प्रत्येक वर्ष शो विजिट करते हैं और शो के दौरान बी2बी बायर्स के रूप में अपने प्रोडक्टस् की नियमित आपूर्ति के लिये सम्पर्क बनाते हैं। ताकि बायर्स का भी निरन्तर रूप से ज्वेलरी मैन्यफैक्चरर्स से सम्पर्क हो सके। यह अनूठी विशेषता जेजेएस को बी2बी एवं बी2सी श्रेणी में अन्य ज्वैलरी शो से भिन्न करती है। चौरडिया ने बताया कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी जयपुर ज्वैलरी शो की एक समर्पित सोशल मीडिया टीम कार्यरत है। इस टीम द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से संभावित कंज्यूमर्स तक कम लागत में विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवायेंगी। कंज्यूमर्स से जुड़ाव इस रणनीति की प्रमुख विशेषता है, जहां एग्जीबिटर्स के साथ सीधे वार्ता करने की ग्राहकों की नयी भूमिका देखने को मिलेगी। माहौल में विश्वास एवं पारदर्शिता के चलते बिज़नेस कन्वर्जन की दर में इज़ाफा होगा। टीम का मिशन मात्र फेसबुक पर अधिकतम लाइक्स प्राप्त करना और ट्विटर एवं इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या को बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि टीम का ध्येय यह जानकारी देना भी है, जो एग्जीबिटर्स द्वारा किसी प्रोडक्ट की दिलचस्पी में निहित होती है। सोशल मीडिया की बढती लोकप्रियता के चलते इसके माध्यम से ग्राहकों को एक समृद्ध और आकर्षक अनुभव मिलेगा।

जेजेएस में आकर्षक रिसेप्शन : कार्यकारिणी के सदस्य महावीर शर्मा के मुताबिक शो में हर वर्ष की भांति सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई हैं। नियमित गार्डस् के साथ शो स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि 300 से अधिक कैमरे कॉमन एरिया में स्थापित किये गये हैं। इसके अतिरिक्त ‘एक्जीबिटर्स मीट’ में एक्जीबिटर्स से भी आग्रह किया गया है कि वे भी अपने-अपने बूथों पर स्वयं के कैमरे लगाये। जेजेएस द्वारा बूथों की व्यावसायिक गतिविधियों का रिकॉर्ड नहीं किया जाता। शर्मा ने बताया कि ढांचागत परिवर्तन से शो में अधिक साफ-सफाई रहेगी व शो के कोरिडोर चौडे़ दिखेगे। विजिटर्स को शो में प्रवेश ‘बार कोडेड एन्ट्री सिस्टम’ से प्रवेश दिया जायेगा।

शो गाईड : कार्यकारिणी सदस्य उमेश डंगायच के अनुसार इंडियन ज्वैलर मैग्जीन द्वारा प्रकाशित जेजेएस-शो गाईड प्रथम दिन 20 दिसम्बर को रिलीज की जायेगी। जिसमें सभी एक्जीबिटर्स के प्रोडेक्ट के बारे में जानकारी दी जायेगी। साथ ही विजिर्ट्स को शो गाइड एवं जेजेएस किट भी दी जाएगी। डंगायच के अनुसार शो में 20 से 23 दिसम्बर तक विजिटर्स को एन्ट्री टिकट पर चारों दिन विजिटर्स रैफल ड्रॉ के द्वारा ज्वेलरी पुरस्कार का ड्रा निकाला जायेगा और शो के अंतिम दिन 23 दिसम्बर को रैफल ड्रा के अतिरिक्त बंपर-ड्रा जेजेएस द्वारा प्रदान किया जायेगा।

जेजेएस से मिला नया मार्केट : कार्यकारिणी सदस्य जगदीश ताम्बी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षो से प्रमुख मैन्यूफैक्चरर्स ने अपने प्रोडक्ट जेजेएस में लांच करने की भी परम्परा डाली है, जो बहुत से रिटेलर्स एवं ग्राहकों के लिये आकर्षण होता है। जेजेएस के प्लेटफार्म से जयपुर की महारथ वाले रत्न, बीड्स (मालायें), हैंडमेड ज्वेलरी, सिल्वर ज्वेलरी को देश विदेश में नया बाजार मिला है। शो के लिये जयपुर के जौहरियों ने रंगीन रत्नों के साथ कलर स्टोन, लाइट वेट ज्वेलरी और डायमंड ज्वेलरी में नई डिजाइनें विकसित की हैं जो निर्यात के साथ-साथ घरेलू ग्राहकों की डिमान्ड के अनुरूप है।

विजिटर्स फ्री शटल : कार्यकारिणी सदस्य मेहुल दुर्लभजी ने बताया कि जेजेएस आयोजन स्थल तक लाने और वापस छोड़ने के लिए निःशुल्क शटल सुविधा उपलब्ध होगी। यह सुविधा सेन्ट्रल पार्क के गेट नं. 1 (प्रातः 9 बजे से दोपहर 4 बजे तक) और वापसी के लिए जेजेएस आयोजन स्थल पर (दोपहर 1 बजे से शाम 7 बजे तक) उपलब्ध होगी। सेन्ट्रल पार्क पर कारों की पार्किंग के साथ-साथ बैठने और पानी की व्यवस्था भी की गई है। मेहुल दुर्लभजी ने बताया कि शो के दौरान वैन्यू पर मेडिकल सुविधा की व्यवस्था भी रहेगी।

जेजेएस-ज्वैलरी ब्रान्ड जयपुर का सूत्रधार : कार्यकारिणी सदस्य नवरत्न कोठारी के अनुसार समय के साथ जयपुर जवाहरात व्यवसाय बदल रहा है। गत 15 वर्षो में जयपुर के रंगीन रत्नों के साथ ज्वैलरी में जो पारी खेली है वह बडा बदलाव है। अब कुन्दन-मीना के साथ 18 कैरेट व अन्य ज्वैलरी में महारथ हासिल की है जो विदेशों में पसन्द की जा रही है। जयपुर की येलो और वाईट गोल्ड ज्वैलरी के साथ सिल्वर व ब्रास ज्वैलरी की मांग बढ़ी है। इसको देखते हुए जेजेएस में हल्के वजन और कलर्ड स्टोन का अभिनव प्रयोग वाले कई अर्फोडेबल आभूषण देखने को मिलेंगें। विदेशों से सिल्वर/गोल्ड कोटेड सस्ती ज्वैलरी की क्वालिटी में मांग के अनुरूप जयपुर के जौहरियों ने मैन्यूफैक्चरिंग में बदलाव आया है। इन सबके साथ डायमण्ड ज्वैलरी मैन्यूफैक्चरिंग की जयपुर में भी ग्राहकी बढ़ी है और जयपुर की यह बदलती छवि देसी ग्राहको को लुभा रही है।

प्रातः 10 से 1 बजे व्यापारियों के लिये : कार्यकारिणी सदस्य सुधीर कासलीवाल के अनुसार शो में आने वाले व्यापारियों व जौहरियों की सुविधा के लिए अलग से ‘बिजनेस आवर्स’ होंगे। हर वर्ष की तरह व्यापारियों की सुविधा के लिए प्रातः 10 से 1.00 बजे तक का समय (बी2बी) रखा गया है।

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