मुख्यमंत्री के आह्वान पर एक दिन में जुटे 21 करोड़ रुपये से अधिक

– पीड़ित मानवता की मदद के लिए चारों तरफ से उठे हाथ –
जयपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की जदोजहद में 31 मार्च तक लॉकडाउन के संकट से प्रभावित जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए प्रदेशवासी मुक्तहस्त से सहयोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल से प्रभावित होकर सभी लोग जाति, धर्म, राजनीति एवं क्षेत्र से ऊपर उठते हुए गरीबों की मदद के इस काम में आगे आ रहे हैं। एक ही दिन में इस फण्ड के लिए 21 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र हो गई है। इसके लिए गहलोत ने सभी दानदाताओं का आभार व्यक्त किया है।
प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र ने मुख्यमंत्री राहत कोष कोविड-19 राहत कोष में 20 लाख रुपये की राशि जमा कराई है। मुख्यमंत्री गहलोत ने स्वयं सहायता कोष के लिए 1 लाख रुपये का चैक दिया। पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कोविड-19 राहत कोष में एक माह का वेतन तथा दवाओं आदि के लिए एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त कई मंत्रियों और विधायकों ने भी दो माह अथवा एक माह का वेतन कोविड-19 राहत कोष में देने की घोषणा की है।
गहलोत को सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर राजस्थान स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड, राजस्थान राज्य गंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड, रीको लिमिटेड, राजस्थान स्टेट माइन्स एण्ड मिनरल्स लिमिटेड की ओर से 5-5 करोेड़ रुपये के चैक भेंट किये गये।
मुख्यमंत्री की अपील पर एक ही दिन में मुख्यमंत्री राहत कोष कोविड-19 राहत कोष में जोधपुर के उद्यमी पप्पूराम डारा ने 25 लाख रुपए, समाज सेवी एवं उद्यमी नरसी कुलरिया ने 21 लाख रुपये, राजस्थान नर्सिंग कॉउन्सिल नेे 11 लाख रुपये,  राजस्थान पेरामेडिकल कॉउन्सिल नेे 11 लाख रुपये राजस्थान मेडिकल कॉउन्सिल नेे 5 लाख रुपये, राजस्थान फार्मेसी कॉउन्सिल ने 5 लाख रुपये, डा. अशोक पनगड़िया ने 5 लाख रुपये, डॉ. रवि जूनीवाल ने 2.51 लाख रुपये जमा कराए हैं।
कोरोना पीड़ितों के सहायतार्थ कोविड-19 राहत कोष में मंत्री हरीश चौधरी ने एक लाख रुपये, विधायक रामकेश मीणा, महेन्द्र विश्नोई और  हाकम अली खान ने दो माह का वेतन, राज्य सरकार के मंत्रियों लालचन्द कटारिया, ममता भुपेश, टीकाराम जूली एवं परसादी लाल मीणा और विधायकों रामलाल शर्मा, जेपी चंदेलिया, विजयपाल मिर्धा, मेवाराम जैन सहित अन्य विधायकों ने एक माह का वेतन तथा पूर्व विधायक रमेश पण्ड्या ने एक माह की पेंशन देने की घोषणा की है।
गहलोत के आह्वान पर न केवल जनप्रतिनिधि और भामाशाह, बल्कि सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी स्वप्रेरणा से आगे आकर अंशदान कर रहे हैं। रविवार को ही आरएएस एसोसिएशन के अधिकारियों ने अपने एक दिन का वेतन देकर इस पुनीत कार्य की शुरुआत की थी। सोमवार को राजस्थान कैडर के भारतीय वन सेवा के अधिकारियों ने भी मार्च माह के एक दिन का अपना वेतन और राजस्थान फोरेस्ट सर्विस एसोसिएशन के अधिकारियों ने भी अपने एक दिन का वेतन देने की घोषणा की।
राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारियों ने भी अपने एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष कोविड-19 राहत कोष में जमा कराने का निर्णय किया। राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद् (रेसा), रेसला, पीडब्ल्यूडी इंजीनियर एसोसिएशन ने संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार को पूरी तरह समर्थन एवं सहयोग की पेशकश करते हुए एक दिन का वेतन देने की घोषणा की।

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