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जोड़ों की गतिशीलता बनाए रखने के लिए समय पर निदान जरूरी

जोड़ों के दर्द को अक्सर बढ़ती उम्र का सामान्य हिस्सा ,  लंबे समय तक काम करने का परिणाम या रोजमर्रा की गतिविधियों से होने वाला खिंचाव मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। हालांकि ,  डॉक्टरों का कहना है कि बार-बार होने वाला दर्द ,  अकड़न या सूजन जोड़ों से जुड़ी किसी अंतर्निहित बीमारी का संकेत हो सकती है ,  इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।  स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने समय पर बीमारी की पहचान और उपचार के महत्व पर जोर दिया है। समय पर उपचार और उचित सहयोग से लोगों को सक्रिय रहने तथा अपने लिए महत्वपूर्ण गतिविधियों को जारी रखने में मदद मिल सकती है।  फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल ,  जयपुर के  ऑर्थोपेडिक्स विभाग के एडिशनल डायरेक्टर ,  डॉ. दिलीप मेहता  ने कहा , “ जोड़ों के दर्द को अपने आप बढ़ती उम्र का सामान्य हिस्सा नहीं मान लेना चाहिए ,  विशेषकर तब ,  जब दर्द लगातार बना रहे या रोजमर्रा की गतिविधियों में बाधा डालने लगे। समय पर निदान और उचित उपचार से जोड़ों की कार्यक्षमता बनाए रखने तथा लोगों को सक्रिय जीवन जीने में मदद मिल सकती है।”     ड...

गुड़ और अजवाइन को साथ मिलाकर खाने से दूर होती हैं ये बीमारियां

Pic Credit- freepik मौसम में बदलाव हो रहा है। इस बदलाव का शरीर पर कई तरह से असर पड़ता है। ऐसे में कुछ घरेलू उपाय हैं जिन्हे अपनाकर आप स्वस्थ्य रह सकते है। बदलते मौसम में गुड़ का सेवन करना काफी हेल्दी माना जाता है। इससे न सिर्फ सर्दी-जुकाम की परेशानियां दूर होती हैं, बल्कि और भी कई समस्याएं दूर हो सकती है।  यह पीरियड्स में होने वाली दर्द की परेशानी को भी कम कर सकता है। इसके सेवन से शरीर में आयरन की कमी को भी दूर किया जा सकता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। यह मोटापा कम करने से लेकर पाचन को भी दुरुस्त करता है। गुड के साथ अजवाइन का सेवन किया जाए तो कई बीमारियों में यह फायदेमंद रहता है।  गुड़ और अजवाइन का एक साथ सेवन करने के आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। आइए जानते हैं इस बारे में- गुड़ और अजवाइन दोनों में ही फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो आपके पाचन तंत्र में सुधार कर सकता है। इससे मल त्याग को आसान बनाकर कब्ज की परेशानी को दूर किया जा सकता है। इसलिए अगर आप पाचन तंत्र में सुधार चाहते हैं, तो गुड़ और अजवाइन का सेवन कर सकते हैं। गुड़ और...

पेट की कई समस्याओं का रामबाण इलाज है ईसबगोल की भूसी का सेवन

ज्यादातर बीमारियों की वजह हमारा खराब पाचन तंत्र होता है। देखा जाए तो शरीर में किसी गंभीर समस्या की शुरुआत हमारे पेट से ही होती है। पाचन तंत्र कमजोर होगा तो कोई ना कोई बीमारी लगी ही रहेगी।  आयुर्वेद में ईसबगोल की भूसी पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने और पेट के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए बहुत ही कारगर मानी जाती है। इसका सेवन करने से लीवर मजबूत होता है। ईसबगोल की भूसी एक प्राकृतिक औषधि है। इसका सेवन करने से लीवर, पेट और हृदय से जुड़ी समस्याएं समाप्त होती हैं। लेकिन इसका उपयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें।  ईसबगोल की भूसी का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है। इसका सेवन करते समय पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए क्योंकि यह फाइबर के जैसे काम करता है, जिससे आंतों को पानी की अधिक आवश्यकता होती है। ईसबगोल की भूसी का सेवन दूध के साथ भी किया जा सकता है। अगर रात को सोने से पहले इसका सेवन किया जाए तो बेहतर परिणाम मिलते हैं। सुबह खाली पेट अगर एक चम्मच पानी में मिलाकर पिया जाए तो यह हमारी आंतों की सफाई करता है और शरीर को डिटॉक्स करता है। ईसबगोल की भूसी का सेवन करने से ग...

नाभि में तेल लगाने के जबरदस्त फायदे

Pic Credit- freepik  हम बालों को हेल्दी रखने के लिए हेयर ऑयल लगाते हैं। स्किन को स्मूथ और स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी कई तरह के नेचुरल तेल या क्रीम इस्तेमाल करते है। नाभि में ऑयल की कुछ बूंद डालना भी कई तरह से फायदेमंद होता है। चलिए जानते हैं नाभि में तेल लगाने के महत्व और फायदे क्या होते हैं— नाभि शरीर का अत्यधिक एब्जॉर्ब करने वाला भाग है। ऐसे में यहां तेल लगाने या डालने से शरीर में ये अंदर तक पहुंचता है। साथ ही, नाभि को ऊर्जा केंद्र माना जाता है। ऐसे में यहां तेल लगाने से ऊर्जा को संतुलित बनाए रखने में मदद मिल सकती है। नाभि में तेल लगाते हैं तो शरीर से विषाक्त पदार्थों और अशुद्धियों को दूर करने में मदद मिल सकती है। नाभि में तेल लगाने से हार्मोन को रेगुलेट करने में मदद मिल सकती है। यदि आपको पीरियड्स के दौरान पेट दर्द, क्रैम्प, प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के लक्षण नजर आते हैं तो आप नाभि में तेल अप्लाई कर सकती हैं। पेट में दर्द हो तो आप पुदीने का तेल लगाएं। ये मसल्स को रिलैक्स करने के साथ ही इंफ्लेमेशन को भी कम करता है। यदि आप रेगुलर ऐसा करते हैं तो आपकी नींद की गुणवत्ता में सुधार होगा....

सुबह उठते ही आंखों में जलन होने पर आजमाएं ये नुस्खे, मिनटों में मिलेगा आराम

Pic Credit- freepik कई लोगों को सुबह उठने के समय आंखों में जलन की शिकायत रहती है। उन्हें इस दौरान आंखों में दर्द भी महसूस होता है। इस मुश्किल के चलते उनके दिन की शुरुआत अच्छी नहीं होती।  सुबह उठते समय आंखों में जलन और दर्द की शिकायत ड्राई आई के कारण हो सकती है। हो सकता है ​इस​के अतिरिक्त भी कोई कारण रहे। यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है तो सबसे पहले नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह करनी चाहिए। इस स्थिति में आप कुछ नुस्खों का सहारा ले सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ये कुछ घरेलू नस्खे हैं जिनसे राहत मिल सकती है।  सुबह उठते ही अगर आपकी आंखों में जलन की शिकायत हो रही है, तो इस स्थिति में आप आंखों की गर्म या ठंडी सिंकाई कर सकते हैं। इसके लिए आप सबसे पहले एक सूती कपड़ा लें, इसें कुछ बर्फ के टुकड़े डालकर आंखों की सिंकाई करें। गर्म सिंकाई के लिए आप सूती कपड़े को हल्के गर्म पानी में भिगोकर निचोड़ लें और फिर आंखों की सिंकाई करें। इससे आंखों की जलन काफी हद तक कम हो सकती है।  आंखों की प्रॉब्लम में गुलाबजल का प्रयोग करना काफी फायदेमंद रहता है। इसके प्रयोग से आंखों को ठंडक मिलती है। साथ ही इ...

कई बीमारियों की एक दवा है गिलोय, जाने इसका कब और कैसे करें सेवन

गिलोय को कई बीमारियों में रामबाण औषधि माना जाता है। संस्कृत में इसे गुरुचि या अमृता भी कहा जाता है। गिलोय के ढेरों स्वास्थ्य लाभ होते हैं। अगर इसका सही मात्रा में सेवन किया जाए तो यह वायु, पित्त और कफ तीनों तरह के दोषों को खत्म कर सकती है। अपने इस विशेष गुण के कारण ही इसे त्रिदोष शामक औषधि भी कहा जाता है। गिलोय आसानी से उपलब्ध हो जाती है।  विशेषज्ञों के अनुसार गिलोय 100 से ज्यादा बीमारियों में कारगर है। इसमें मौजूद एंटीपायरेटिक गुण बुखार से निजात दिलाते हैं।एंटीमाइक्रोबियल गुणों के कारण डेंगू और मलेरिया जैसे संक्रमणों में राहत मिलती है। जबकि इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण किसी भी तरह की सूजन में राहत दिलाते हैं।  खून में किसी तरह का विकार होने पर इसे शुद्ध करने के लिए गिलोय का इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर रक्त विकार से हुए कील-मुंहासे गिलोय का सेवन करने से खत्म हो जाते हैं। यह एग्जिमा जैसे त्वचा विकार को खत्म करने के भी काम आती है। गिलोय को त्वचा रोगों में भी फायदेमंद बताया है। अगर हाथ-पैर या आंखों में जलन हो रही है, आंखों से आंसू निकलना नहीं बंद हो रहे हैं, यूरिन पास होने में ज...

क्या नींबू-पानी में शहद डालने से मोटापा कम होता है?

Pic Credit- freepik मोटापा एक बड़ी समस्या बन चुका है। लोग मोटापे से छुटकारा पाने के लिए तरह-तरह के नुस्खे अपनाते हैं। इन नुस्खों को लेकर इंटरनेट पर उपलब्ध लेखों और वीडियो एवं रील्स में बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। मोटापा घटाने के लिए एक नुस्खा सबसे ज्यादा प्रचलित है- नींबू-पानी में शहद डालकर पीने की सलाह। कहा जाता है कि यह पेय मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और वजन कम करने में मदद करता है। नींबू पानी और शहद एक स्वादिष्ट और हेल्दी पेय है, लेकिन यह वजन कम करने का जादू नहीं है। वजन कम करने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और जीवनशैली में बदलाव करना ज़रूरी है। अगर आप वजन कम करने के लिए कोई नया तरीका अपनाना चाहते हैं, तो डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लें। यह दावा कितना सच है आइए जानते है- नींबू-पानी और शहद के फायदे नींबू विटामिन सी का एक अच्छा स्रोत है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। नींबू और शहद में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। नींबू का रस पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। शहद में प्राकृतिक शर्करा होती है, जो शरीर को...