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जोड़ों की गतिशीलता बनाए रखने के लिए समय पर निदान जरूरी

जोड़ों के दर्द को अक्सर बढ़ती उम्र का सामान्य हिस्सा ,  लंबे समय तक काम करने का परिणाम या रोजमर्रा की गतिविधियों से होने वाला खिंचाव मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। हालांकि ,  डॉक्टरों का कहना है कि बार-बार होने वाला दर्द ,  अकड़न या सूजन जोड़ों से जुड़ी किसी अंतर्निहित बीमारी का संकेत हो सकती है ,  इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।  स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने समय पर बीमारी की पहचान और उपचार के महत्व पर जोर दिया है। समय पर उपचार और उचित सहयोग से लोगों को सक्रिय रहने तथा अपने लिए महत्वपूर्ण गतिविधियों को जारी रखने में मदद मिल सकती है।  फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल ,  जयपुर के  ऑर्थोपेडिक्स विभाग के एडिशनल डायरेक्टर ,  डॉ. दिलीप मेहता  ने कहा , “ जोड़ों के दर्द को अपने आप बढ़ती उम्र का सामान्य हिस्सा नहीं मान लेना चाहिए ,  विशेषकर तब ,  जब दर्द लगातार बना रहे या रोजमर्रा की गतिविधियों में बाधा डालने लगे। समय पर निदान और उचित उपचार से जोड़ों की कार्यक्षमता बनाए रखने तथा लोगों को सक्रिय जीवन जीने में मदद मिल सकती है।”     ड...

गुड़ और अजवाइन को साथ मिलाकर खाने से दूर होती हैं ये बीमारियां

Pic Credit- freepik मौसम में बदलाव हो रहा है। इस बदलाव का शरीर पर कई तरह से असर पड़ता है। ऐसे में कुछ घरेलू उपाय हैं जिन्हे अपनाकर आप स्वस्थ्य रह सकते है। बदलते मौसम में गुड़ का सेवन करना काफी हेल्दी माना जाता है। इससे न सिर्फ सर्दी-जुकाम की परेशानियां दूर होती हैं, बल्कि और भी कई समस्याएं दूर हो सकती है।  यह पीरियड्स में होने वाली दर्द की परेशानी को भी कम कर सकता है। इसके सेवन से शरीर में आयरन की कमी को भी दूर किया जा सकता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। यह मोटापा कम करने से लेकर पाचन को भी दुरुस्त करता है। गुड के साथ अजवाइन का सेवन किया जाए तो कई बीमारियों में यह फायदेमंद रहता है।  गुड़ और अजवाइन का एक साथ सेवन करने के आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। आइए जानते हैं इस बारे में- गुड़ और अजवाइन दोनों में ही फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो आपके पाचन तंत्र में सुधार कर सकता है। इससे मल त्याग को आसान बनाकर कब्ज की परेशानी को दूर किया जा सकता है। इसलिए अगर आप पाचन तंत्र में सुधार चाहते हैं, तो गुड़ और अजवाइन का सेवन कर सकते हैं। गुड़ और...

पेट की कई समस्याओं का रामबाण इलाज है ईसबगोल की भूसी का सेवन

ज्यादातर बीमारियों की वजह हमारा खराब पाचन तंत्र होता है। देखा जाए तो शरीर में किसी गंभीर समस्या की शुरुआत हमारे पेट से ही होती है। पाचन तंत्र कमजोर होगा तो कोई ना कोई बीमारी लगी ही रहेगी।  आयुर्वेद में ईसबगोल की भूसी पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने और पेट के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए बहुत ही कारगर मानी जाती है। इसका सेवन करने से लीवर मजबूत होता है। ईसबगोल की भूसी एक प्राकृतिक औषधि है। इसका सेवन करने से लीवर, पेट और हृदय से जुड़ी समस्याएं समाप्त होती हैं। लेकिन इसका उपयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें।  ईसबगोल की भूसी का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है। इसका सेवन करते समय पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए क्योंकि यह फाइबर के जैसे काम करता है, जिससे आंतों को पानी की अधिक आवश्यकता होती है। ईसबगोल की भूसी का सेवन दूध के साथ भी किया जा सकता है। अगर रात को सोने से पहले इसका सेवन किया जाए तो बेहतर परिणाम मिलते हैं। सुबह खाली पेट अगर एक चम्मच पानी में मिलाकर पिया जाए तो यह हमारी आंतों की सफाई करता है और शरीर को डिटॉक्स करता है। ईसबगोल की भूसी का सेवन करने से ग...

नाभि में तेल लगाने के जबरदस्त फायदे

Pic Credit- freepik  हम बालों को हेल्दी रखने के लिए हेयर ऑयल लगाते हैं। स्किन को स्मूथ और स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी कई तरह के नेचुरल तेल या क्रीम इस्तेमाल करते है। नाभि में ऑयल की कुछ बूंद डालना भी कई तरह से फायदेमंद होता है। चलिए जानते हैं नाभि में तेल लगाने के महत्व और फायदे क्या होते हैं— नाभि शरीर का अत्यधिक एब्जॉर्ब करने वाला भाग है। ऐसे में यहां तेल लगाने या डालने से शरीर में ये अंदर तक पहुंचता है। साथ ही, नाभि को ऊर्जा केंद्र माना जाता है। ऐसे में यहां तेल लगाने से ऊर्जा को संतुलित बनाए रखने में मदद मिल सकती है। नाभि में तेल लगाते हैं तो शरीर से विषाक्त पदार्थों और अशुद्धियों को दूर करने में मदद मिल सकती है। नाभि में तेल लगाने से हार्मोन को रेगुलेट करने में मदद मिल सकती है। यदि आपको पीरियड्स के दौरान पेट दर्द, क्रैम्प, प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के लक्षण नजर आते हैं तो आप नाभि में तेल अप्लाई कर सकती हैं। पेट में दर्द हो तो आप पुदीने का तेल लगाएं। ये मसल्स को रिलैक्स करने के साथ ही इंफ्लेमेशन को भी कम करता है। यदि आप रेगुलर ऐसा करते हैं तो आपकी नींद की गुणवत्ता में सुधार होगा....

सुबह उठते ही आंखों में जलन होने पर आजमाएं ये नुस्खे, मिनटों में मिलेगा आराम

Pic Credit- freepik कई लोगों को सुबह उठने के समय आंखों में जलन की शिकायत रहती है। उन्हें इस दौरान आंखों में दर्द भी महसूस होता है। इस मुश्किल के चलते उनके दिन की शुरुआत अच्छी नहीं होती।  सुबह उठते समय आंखों में जलन और दर्द की शिकायत ड्राई आई के कारण हो सकती है। हो सकता है ​इस​के अतिरिक्त भी कोई कारण रहे। यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है तो सबसे पहले नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह करनी चाहिए। इस स्थिति में आप कुछ नुस्खों का सहारा ले सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ये कुछ घरेलू नस्खे हैं जिनसे राहत मिल सकती है।  सुबह उठते ही अगर आपकी आंखों में जलन की शिकायत हो रही है, तो इस स्थिति में आप आंखों की गर्म या ठंडी सिंकाई कर सकते हैं। इसके लिए आप सबसे पहले एक सूती कपड़ा लें, इसें कुछ बर्फ के टुकड़े डालकर आंखों की सिंकाई करें। गर्म सिंकाई के लिए आप सूती कपड़े को हल्के गर्म पानी में भिगोकर निचोड़ लें और फिर आंखों की सिंकाई करें। इससे आंखों की जलन काफी हद तक कम हो सकती है।  आंखों की प्रॉब्लम में गुलाबजल का प्रयोग करना काफी फायदेमंद रहता है। इसके प्रयोग से आंखों को ठंडक मिलती है। साथ ही इ...

कई बीमारियों की एक दवा है गिलोय, जाने इसका कब और कैसे करें सेवन

गिलोय को कई बीमारियों में रामबाण औषधि माना जाता है। संस्कृत में इसे गुरुचि या अमृता भी कहा जाता है। गिलोय के ढेरों स्वास्थ्य लाभ होते हैं। अगर इसका सही मात्रा में सेवन किया जाए तो यह वायु, पित्त और कफ तीनों तरह के दोषों को खत्म कर सकती है। अपने इस विशेष गुण के कारण ही इसे त्रिदोष शामक औषधि भी कहा जाता है। गिलोय आसानी से उपलब्ध हो जाती है।  विशेषज्ञों के अनुसार गिलोय 100 से ज्यादा बीमारियों में कारगर है। इसमें मौजूद एंटीपायरेटिक गुण बुखार से निजात दिलाते हैं।एंटीमाइक्रोबियल गुणों के कारण डेंगू और मलेरिया जैसे संक्रमणों में राहत मिलती है। जबकि इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण किसी भी तरह की सूजन में राहत दिलाते हैं।  खून में किसी तरह का विकार होने पर इसे शुद्ध करने के लिए गिलोय का इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर रक्त विकार से हुए कील-मुंहासे गिलोय का सेवन करने से खत्म हो जाते हैं। यह एग्जिमा जैसे त्वचा विकार को खत्म करने के भी काम आती है। गिलोय को त्वचा रोगों में भी फायदेमंद बताया है। अगर हाथ-पैर या आंखों में जलन हो रही है, आंखों से आंसू निकलना नहीं बंद हो रहे हैं, यूरिन पास होने में ज...

क्या नींबू-पानी में शहद डालने से मोटापा कम होता है?

Pic Credit- freepik मोटापा एक बड़ी समस्या बन चुका है। लोग मोटापे से छुटकारा पाने के लिए तरह-तरह के नुस्खे अपनाते हैं। इन नुस्खों को लेकर इंटरनेट पर उपलब्ध लेखों और वीडियो एवं रील्स में बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। मोटापा घटाने के लिए एक नुस्खा सबसे ज्यादा प्रचलित है- नींबू-पानी में शहद डालकर पीने की सलाह। कहा जाता है कि यह पेय मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और वजन कम करने में मदद करता है। नींबू पानी और शहद एक स्वादिष्ट और हेल्दी पेय है, लेकिन यह वजन कम करने का जादू नहीं है। वजन कम करने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और जीवनशैली में बदलाव करना ज़रूरी है। अगर आप वजन कम करने के लिए कोई नया तरीका अपनाना चाहते हैं, तो डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लें। यह दावा कितना सच है आइए जानते है- नींबू-पानी और शहद के फायदे नींबू विटामिन सी का एक अच्छा स्रोत है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। नींबू और शहद में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। नींबू का रस पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। शहद में प्राकृतिक शर्करा होती है, जो शरीर को...

DJ की तेज आवाज से सेहत को हो सकते हैं ये गंभीर नुकसान, जानिए कैसे करें बचाव

Pic Credit- freepik डीजे की तेज आवाज, रोशनी, और नाच-गाना, ये सभी को पसंद होता है। डीजे की आवाज जितनी दमदार होगी, पार्टी उतनी ही शानदार मानी जाती है। इसलिए आजकल कई हजार वॉट के डीजे साउंड सिस्टम पार्टी में लगाए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डीजे की इस मस्ती के पीछे छिपा एक खतरा भी है? डीजे की तेज आवाज हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक हो सकती है। इसलिए तेज आवाज में डीजे के उपयोग से बचना चाहिए। डीजे की तेज आवाज का हमारे शरीर पर असर तेज आवाज कान के पर्दे पर दबाव डालती है, जिससे धीरे-धीरे श्रवण क्षमता कम होने लगती है। हमारे कान एक निश्चित डेसीबल तक की ध्वनि को ही सहन कर सकते है। उससे तेज आवाज होने पर नुकसान हो सकता है। तेज आवाज के लगातार संपर्क में रहने से कानों में हमेशा बजने की आवाज (टिनिटस) आने लगती है। डीजे की आवाज में लगातार रहने से हमारे दिगाम पर भी असर पड़ता है। इससे मानसिक रोग हो सकते हैं। तेज आवाज के कारण कान के पर्दे में क्षति हो सकती है, जिससे सुनने में कठिनाई हो सकती है। तेज आवाज हृदय गति को बढ़ा सकती है, जिससे उच्च रक्तचाप और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। तेज आवाज तना...

अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये उपाय, मजबूत होगा इम्यून सिस्टम

Pic Credit- freepik अच्छी नींद सेहत के लिए बेहद जरूरी है। इससे शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। हम स्वस्थ्य रहते हैं और हमारी कार्यक्षमता में बढ़ोतरी होती है। अच्छी नींद कैसे आए, यह हमारे रहन—सहन, खानपान, वर्किंग स्टाइल पर तय करती है। नींद को कई कारक प्रभावित करते हैं, जैसे अच्छी नींद के लिए कमरे का तापमान सही होना और आरामदेह बिस्तर भी जरूरी है। अच्छी नींद के लिए ये तरीके अपनाने चाहिए हमारा शरीर सर्केडियन रिदम पर काम करता है, जो 24 घंटे का नेचुरल साइकिल है। यह रोशनी और अंधेरे से नियंत्रित होता है। रोज नियमित समय पर सोने और जागने से यह इंटरनल क्लॉक नियमित रहती है, जिससे सोने और जागने में आसानी होती है। वीकेंड पर भी निश्चित समय पर सोएं। शरीर का सोने-जागने का चक्र मजबूत होता है। स्मार्टफोन, टैबलेट, और कंप्यूटर जैसे डिवाइस से निकलने वाली ब्लू लाइट हार्मोन मेलाटोनिन के उत्पादन में बाधा डाल सकती है। यह हार्मोन हमारी नींद को नियंत्रित करता है। इसलिए जरुरी है कि सोने से कम से कम एक घंटे पहले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग न करें। अगर इन्हें इस्तेमाल करना जरूरी हो तो ब्लू लाइट फिल्टर का इस्ते...

शरीर के लिए फायदेमंद है पान का पत्ता खाना

Pic Credit- freepik कई बार हल्का भोजन करने के बाद भी पेट में भारीपन महसूस होता है। गैस बनती रहती है और हल्का पेट दर्द बना रहता है। इस वजह से काफी परेशानी होती है। अगर आपका पेट हमेशा फूला हुआ रहता है या पेट में हमेशा गैस बनी रहती है तो यह क्रोनिक ब्लोटिंग के लक्षण हो सकते हैं।  लम्बे समय तक पेट से जुड़ी समस्याओं की अनदेखी करने से यह इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम की बीमारी हो सकती है। आंतों से जुड़ी इस बीमारी से बचने और डाइजेस्टिव सिस्टम पर ध्यान देना आवश्यक है। इससे जुड़ी समस्याओं को कम करने के लिए आप पान के पत्तों का सेवन कर सकते हैं। आयुर्वेद में पान के पत्तों को पेट की कई समस्याओं की एक नेचुरल दवा के तौर पर देखा जाता है। पूजा पाठ मे पान के पत्ते चढ़ाए जाते हैं क्योंकि, इन पत्तों में कई तरह के औषधीय गुण होते हैं। कुछ लोगों को रोजाना दिन में एक बार पान खाने की आदत होती ही है। अगर पान में तम्बाकू ना मिलाया जाए तो इससे आपकी हेल्थ को कई तरह के लाभ हो सकते हैं। पान के फायदें  पान का पत्ता बॉडी डिटॉक्स में मदद करता है। आप खाना खाने के बाद पान के 1 पत्ते को चबा लें तो इससे शरीर मे जमा सार...

पीठ के निचले हिस्से में दर्द से परेशान हैं तो अपनाएं ये असरदार उपाय, तुरंत मिलेगा आराम

Pic Credit- freepik पीठ के निचले हस्से में दर्द एक आम समस्या है, जो हर उम्र के लोगों में देखी जा सकता है। लंबे समय तक गलत तरीके से बैठने, सोने और अत्यधिक तनाव की वजह से हो सकती है। रीढ़ की हड्डी यानि स्पाइन पर अधिक लोड और कई बार अधिक तनाव भी पीठ दर्द का कारण बन सकता है। पीठ के निचले हिस्से में दर्द के लिए कई घरेलू उपाय और योगासन हैं, जिससे इस समस्या से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।  सिंकाई करना  गर्म पानी या बर्फ से सिंकाई से पीठ के निचले हिस्से में होने वाले दर्द में काफी आराम मिल सकता है। बर्फ से सिंकाई करने के लिए यदि आप के पास आइस बैग नहीं है तो टॉवेल या किसी कपड़े में आइस डालकर पोटली बना लें और इससे सिंकाई कर सकते हैं। गर्म सिंकाई के लिए हीट बैग या बॉटल का भी इस्तेमाल कर सकते है। यह बाजार में आसानी से और कम बजट में मिल जाती है।  तनाव से बचने का प्रयास करें तनाव कई परेशानियों की जड़ होती है। इसकी वजह से भी पीठ के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है। ऐसे में, तनाव को कम करने की कोशिश करें। इसके लिए आप रोजमर्रा के बोरिंग काम से कुछ समय के लिए ब्रेक लेकर दोस्तों या परिव...

टॉन्सिल्स की समस्या से राहत पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू उपाय

Pic Credit- freepik टॉन्सिल्स या टॉन्सिलाइटिस वैसे तो सामान्य है। मौसम में बदलाव और खानपान में लापरवाही की वजह से ये समस्या हो सकती है। वायरल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन टॉन्सिल्स या टॉन्सिलाइटिस का प्रमुख कारण होता है।  टॉन्सिल्स या टॉन्सिलाइटिस की समस्या बड़ों की तुलना में बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है। दरअसल, टॉन्सिल गले के दोनों तरफ स्थित लिम्फ नोड्स होता है। टॉन्सिल्स में इंफेक्शन के कारण गले में सूजन आ जाती है और काफी ज्यादा दर्द होता है। इस स्थिति में लोगों को खाने-पीने और यहां तक कि थूक निगलने में भी काफी दिक्कत होती है। अगर इसका समय पर इलाज नहीं कराया जाए, तो गले में गंभीर दर्द, खराश और बुखार जैसी कई अन्य समस्याओं  का सामना करना पड़ सकता है।  अक्सर लोग टॉन्सिल से छुटकारा पाने के लिए दवाइयों का सेवन करते हैं। लेकिन आप चाहें तो कुछ घरेलू उपायों की मदद से भी इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप टॉन्सिल्स की समस्या से राहत पा सकते हैं।  नमक के पानी से गरारे करना इस समस्या का ...

डिलीवरी के बाद बढ़ता है वजन, डाइट में इन्हें शामिल करने से होगा कंट्रोल

Pic Credit- freepik मोटापे की समस्या को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं परेशान रहती है। ​अक्सर देखा जाता है कि डिलीवरी के बाद कई महिलाओं का वजन तेजी से बढ़ता है। और महिलाओं को वापस शेप में आने में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है।  डिलीवरी के बाद महिलाओं का वजन क्यों बढ़ता है? दरअसल, दूध स्राव के लिए प्रोलैक्टिन हार्मोन जिम्मेदार होते हैं। ये भूख को बढ़ाने के साथ फैट स्टोर करते हैं। जिससे वजन बढ़ता है। इसके साथ ही हार्मोनल चेंजेस, ब्लड लॉस, हेल्दी डाइट, ब्रेस्ट फीडिंग की वजह से ज्यादा कैलोरी का सेवन होता है, जिससे महिलाओं का वजन बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त खानपान, लाइफ स्टाइल, व्यायाम ना करना भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है।  वैसे तो इस समस्या को लाइफ स्टाइल और खानपान में ध्यान रखकर ही नियंत्रित किया जा सकता है। फिर भी कुछ फूड हैं जिनको अपनाकर आप अपना वजन कम कर सकती है।  ओट्स का सेवन करने की अक्सर सलाह दी जाती है। कैल्शियम, आयरन, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट्स से भरपूर ओट्स हमारे वजन को कंट्रोल करने में काफी मदद करते हैं। आप ओट्स का सेवन डिलीवरी के बाद नाश्ते के तौर पर कर सकती ...

गर्दन में दर्द और अकड़न से छुटकारा पाने के लिए घर में बनाये आयुर्वेदिक गुण वाले तेल

Pic Credit- freepik गर्दन में दर्द और अकड़न की समस्या से कई लोग परेशान रहते हैं। इस दर्द की वजह से पूरा दिन काम करना कठिन हो जाता है। गर्दन में दर्द और अकड़न की परेशानी आमतौर पर रात को गलत तरीके से सोने की वजह से हो सकती है। हमारे सोने की स्थिति सुविधाजनक होनी चाहिए। तकिये और गद्दा भी ना तो बहुत ज्यादा कठोर होना चाहिए और ना ही बहुत ज्यादा नरम। सोने का तरीका भी सही होना चाहिए। यदि हम गलत या असुविधाजनक तरीके से सोते हैं तो गर्दन पर दबाव पड़ता है। जिससे उसमें अकड़न आ जाती है। इसके अतिरिक्त यदि हम लंबे समय तक एक ही दिशा में बैठे रहे या गलत पोश्चर में बैठते हैं तो भी गर्दन में अकड़न की समस्या आ सकती है। इसलिए इस बारे में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।  कई लोगों में उम्र के साथ भी यह समस्या आ सकती है। मांसपेशियों में लचीलापन कम हो जाता है, जिससे अकड़न हो सकती है। गर्दन में अकड़न ना हो, इसके लिए नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। साथ ही, यदि समस्या बढ़ गई है तो उसे नजरंदाज नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह बाद में सर्वाइकल पेन की वजह भी बन सकता है। इसलिए चिकित्सा सलाह लेना उपयुक्त रहता है। इसमें ज्य...

अगर बच्चे की छाती में जमा है कफ तो इन घरेलू उपायों से करें दूर

Pic Credit- freepik बारिश और सर्दी का मौसम में खासकर छोटे बच्चों के लिए परेशानी का होता है। इस मौसम में बच्चों की छाती में कफ जमा की शिकायत ज्यादा रहती है। इससे बच्चों के फेफड़ों में दर्द और उन्हें श्वास लेने में तकलीफ होती है। ऐसे मामलों का नजरंदाज नहीं करना चाहिए। तत्काली चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। यदि समस्या ज्यादा गंभीर नहीं हैं तो घरेलू उपाय भी अपनाए जा सकते हैं। बच्चों में कफ जमने के लक्षण छाती में दर्द लगातार खांसी रहना छाती में भारीपन महसूस होना छाती में जकड़न या ऐंठन महसूस होना खांसते समय बच्चों के मुंह में कफ या बलगम आना बच्चों को बार-बार बुखार होना बच्चों के सिर में दर्द होना गले में दर्द या जलन होना सांस लेते समय छाती से आवाज आना इन तरीकों से खत्म करें छाती में कफ समस्या चेस्ट कंजेशन या छाती में कफ की समस्या को कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर आसानी से दूर किया जा सकता है। इन घरेलू उपायों से बच्चों को न सिर्फ तुरंत आराम मिलेगा, बल्कि बच्चे दवाओं के साइड इफेक्ट से भी बच पाएंगे। बच्चों के बलगम को दूर करने के लिए लहसुन बहुत ही लाभकारी है। इससे आसानी से छाती के कफ को दूर किया जा सक...

पीठ पर पिंपल्स और एक्ने क्यों होते हैं, इन उपायों से करें इसका इलाज

Pic Credit- freepik चेहरे पर पिंपल्स या एक्ने की परेशानी से कई लोग परेशान रहते हैं। आजकल यह समस्या पीठ या कंधों पर भी देखने को मिलती है। खुजली के कारण यह स्थिति पीड़ादायक होने के साथ—साथ कुछ स्थितियों में शर्मिंदगी का कारण बन सकती है।  पीठ पर पिंपल्स या एक्ने के कारण हार्मोनल परिवर्तन, जैसे कि किशोरावस्था या गर्भावस्था के दौरान कुछ दवाएं, जैसे कि स्टेरॉयड या टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी अत्याधिक तनाव लेना ऑयली स्किन या ब्यूटी प्रोडक्ट्स गर्मी और उमस भरा मौसम नहाते समय साबुन लगी रह जाना और ठीक से सफाई नहीं होना तेज मिर्च और ज्यादा तेल युक्त खानपान पीठ पर पिंपल्स और एक्ने का घरेलू उपचार टी ट्री ऑयल पीठ पर होने वाली एक्ने या पिंपल्स की परेशानी को कम कर सकता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होता है, जो स्किन से अतिरिक्त बैक्टीरिया को नष्ट करने में काफी हद तक प्रभावी हो सकता है। इसे आप नारियल तेल में मिक्स करके अपने पीठ पर लगा सकते हैं। कई बार पीठ पर होने वाले बाल भी एक्ने का कारण बन सकते हैं। इस स्थिति में अपने पीठ से बालों को हटा दें। साथ ही पीठ को अच्छी तरह से क्लीन करें, ताकि बार-ब...

पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में होता है एड़ियों का दर्द, कारण व घरेलू इलाज

Pic Credit- freepik एड़ियों में दर्द की समस्या से बहुत से लोग परेशान रहते है। कई बार दर्द के कारण झुंझलाहट आती है। यह दर्द एड़ी के पीछे, नीचे, या आस-पास महसूस होता है। यह दर्द प्लांटर फैसीआइटिस, एड़ी की मोच, बर्साइटिस, आर्थराइटिस, और अनुपयुक्त जूते पहनने की वजह से हो सकता है।  पुरुषों की तुलना महिलाओं में एड़ियों के दर्द की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। आमतौर पर महिलाएं इसे छोटी प्रॉब्लम मानकर इग्नोर भी कर देती हैं लेकिन यह आपको कई परेशानियों में डाल सकती है इसलिए इसके कारण और उपाय को जानना चाहिए। दूसरी वजह, महिलाओं को ज्यादा देर तक खड़े रहकर काम करना पड़ता है। तीसरी वजह, हाई हील की वजह से भी यह दर्द हो सकता है।  प्लांटर फैसीआइटिस प्लांटर फैसीआइटिस में एड़ी के नीचे के हिस्से में दर्द होता है। यह प्लांटर फासिया नामक ऊतक के सूजन के कारण होता है, जो एड़ी की हड्डी से पैर की उंगलियों तक फैला होता है। यह ऊतक पैर के आर्च का समर्थन करता है और चलने या दौड़ने के दौरान शॉक एब्जॉर्बर के रूप में काम करता है। यह दर्द आपको सुबह उठते ही और लंबे समय तक खड़े रहने के बाद एड़ी में तेज दर्...

जोड़ों में दर्द तो आज ही शुरू करें नारियल तेल की मालिश

Pic Credit- freepik नारियल के तेल का उपयोग आमतौर पर सर्दियों में किया जाता है। ऐसा नहीं है। नारियल का तेल गर्मी में भी फायदेमंद रहता है। गर्मी के मौसम में नारियल तेल से जोड़ों की मालिश करना न केवल आरामदायक होता है बल्कि कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है। नारियल का तेल अपनी विशिष्ट संरचना और गुणों के कारण स्वास्थ्य और सुंदरता के लिए विशेष रूप से लाभकारी होता है। नारियल के तेल में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। साथ ही एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण होते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। गर्मियों में भी जोड़ों में दर्द रहने लगा है, तो नारियल के तेल की मालिश से राहत प्राप्त की जा सकती है। नारियल तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन और जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करते हैं। इसलिए विशेषज्ञ द्वारा नारियल के तेल से नियमित मालिश करने की सलाह दी जाती है। नारियल के तेल से मालिश करने से जोड़ों में होने वाली सूजन और दर्द कम होता है, जिससे चलने-फिरने में आसानी होती है। गर्मियों में मांसपेशियों की थकान और तनाव को दूर करने के लिए नारियल तेल से मालिश बहुत फायद...

महिलाएं 40 के बाद भी चाहती हैं गुलाबी गाल तो खाएं बीटरूट

Pic Credit- freepik उम्र के हर पड़ाव में व्यक्ति स्वस्थ रहना चाहता है। आमतौर पर 40 की उम्र के बाद व्यक्ति में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते है। थकावट, हड्डियों का कमजोर होना, त्वचा और चेहरे की चमक में कमी आदि। इसका बड़ा कारण हमारा खानपान, लाइफ स्टाइल और तनाव है। यदि आप 40 के बाद भी चमकदार चेहरा चाहते हैं तो उसके लिए बीटरूट यानी चुकंदर का सेवन बहुत फायदे है।   चुकंदर खाना वैसे तो हर किसी के लिए फायदेमंद है, लेकिन महिलाओं के लिए इसे खाना ज्यादा लाभदायक हो सकता है। दरअसल, चुकंदर में कई ऐसे तत्व होते हैं जो कि उनके हार्मोनल हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। चुकंदर में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती लेकिन इसके पोषक तत्व कई अधिक होते हैं। चुकंदर में विटामिन, खनिज और कार्बनिक यौगिकों जैसे कैरोटीनॉयड, ल्यूटिन या ज़ेक्सैंथिन, ग्लाइसिन और फाइबर व विटामिन सी होता है। इसके अलावा चुकंदर में मैग्नीशियम, आयरन और फास्फोरस जैसे कई आवश्यक खनिज मौजूद होते हैं जो शरीर की विभिन्न प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। स्किन और बालों की खूबसूरती बरकरार रखने में भी चुकंदर बहुत ही फायदे...

पीरियड्स के दौरान क्यों होती है कब्ज की समस्या, छुटकारा पाने के लिए अपनाये ये उपाय

Pic Credit- freepik कब्ज की समस्या आज के समय में बहुत ही आम बन गयी है। यह समस्या हमारे शरीर में पाचन प्रक्रिया से जुड़ी है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। बड़ा कारण खानपान और हमारी लाइफ स्टाइल है। यह समस्या महिलाओं में उनके पीरियड्स के दौरान ज्यादा देखने को मिलती है।पीरियड्स के दौरान कब्ज होने का कारण क्या हो सकता है और इससे बचने के लिए क्या तरीका अपनाया जाए, इस बारे में जानते है।  पीरियड में कब्ज की समस्या का कारण जब महिलाओं को पीरियड्स शुरू होते हैं, तब उस दौरान उनकी बॉडी में कई तरह हार्मोनल चेंजेस होने लगते हैं। यह बदलाव प्रोजेस्टेरॉन और एस्ट्रोजन के स्तर में अधिक होता है। यह बदलाव पीरियड्स में होने वाले कब्ज का बड़ा कारण हो सकते हैं। पीरियड्स से पहले और पीरियड्स के दौरान इनमें लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है, जिससे मल त्याग अनियमित हो सकता है। महिलाओं के पीरियड्स शुरू होने से पहले ही उनके शरीर में प्रोजेस्टेरोन रिलीज होने लगते हैं। यह प्रोजेस्टेरोन मांसपेशियों को आराम देने वाले के रूप में कार्य करते हैं, और इस दौरान आपकी मल त्याग इतनी ढीली हो सकती है कि आपके लिए मल त्याग करना बे...

जानें क्या है फ्रोजन शोल्डर, इसके कारण, लक्षण, उपचार एवं सावधानियां

Pic Credit- freepik फ्रोजन शोल्डर कंधे से संबंधित बीमारी है। इसमें कंधे की हड्डियों को मूव करना मुश्किल होने लगता है। मेडिकल भाषा में इस दर्द को एडहेसिव  कैप्सूलाइटिस  कहा जाता है। वहीं, आम बोलचाल में इसे कंधे जाम हो जाना भी कहते है।   हर जॉइंट के बाहर एक कैप्सूल होता है। फ्रोजन शोल्डर में यही कैप्सूल स्टिफ या सख्त हो जाता है। यह दर्द धीरे-धीरे और अचानक शुरू होता है और फिर पूरे कंधे को जाम कर देता है। जैसे ड्राइविंग के दौरान या कोई घरेलू काम करते-करते अचानक यह दर्द हो सकता है। जिन लोगों को फ्रोजन शोल्डर की समस्या होती है उनके कंधे बुरी तरह से प्रभावित होते हैं। ऐसे में उन लोगों के लिए कंधों से जुड़ा कोई भी काम कर पाना मुश्किल हो जाता है। यहां तक कि छोटे-मोटे काम जैसे, ब्रश करना, कंघी करना, कार चलाना जैसे काम भी नहीं कर पाते। ये सभी काम करने में कंधों में तेज दर्द होता है और हाथ उठा पाना मुश्किल हो जाता है। कभी-कभी फ्रोजन शोल्डर इतना गंभीर हो सकता है कि प्रभावित व्यक्ति के लिए काम कर पाना पूरी तरह मुश्किल हो जाता है और अपने कामों के लिए दूसरों की मदद पर निर्भर होना पड...

पिएं सौंफ की चाय, सेहत के लिए है खूब फायदेमंद

Pic Credit- freepik सौंफ को अंग्रेजी में फेनल (Fennel) कहा जाता है। सौंफ एक सुगंधित मसाला है और औषधीय गुणों से भरपूर है। सौंफ का उपयोग कई तरह किया जा सकता है। मसालों के साथ उपयोग कर भोजन को स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। माउथ फ्रेशनर के रूप में भी इसका काफी उपयोग होता है। पान में भी सौंफ डाली जाती है। सौंफ की चाय बनाकर पी जा सकती है। दवाओं में भी इसका इस्तेमाल होता है। सौंफ की चाय पीना शरीर के लिए अच्छा रहता है। बरसात के दिनों में सौंफ की चाय हमे कई तरह की बीमारियों से दूर रखने में मददगार साबित हो सकती है।  सौंफ की चाय पीने के फायदे क्या है?  सौंफ की चाय पाचन तंत्र में सुधार करती है। अपच, गैस, और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करती है। बरसात के मौसम में पाचन संबंधी समस्याएं आम होती हैं, इसलिए सौंफ की चाय फायदेमंद हो सकती है।  सौंफ की चाय शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार होती है। सौंफ में विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं। बरसात में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सौंफ की चाय का उपयोग कर संक्रा...

जीका वायरस ने बढ़ाई चिंता, ये हैं लक्षण और बचाव के उपाय

Pic Credit- freepik जीका वायरस को लेकर देश में एक बार फिर चिंता जताई जा रही है। महाराष्ट्र के पुणे में इस वायरस जनित रोग के कुछ मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसको लेकर सभी राज्यों को अलर्ट भी जारी किया है। इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र में जीका वायरस के एक जुलाई 2024 तक छह मामले सामने आ चुके हैं। एंडरवाने में रहने वाली वाली दो गर्भवती महिलाएं जीका वायरस पॉजिटिव पाई गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि एंडरवाने क्षेत्र की एक 28 वर्षीय गर्भवती महिला में जीका वायरस संक्रमण पाया गया था। इसके अलावा, 12 सप्ताह की गर्भवती एक अन्य महिला में भी जीका वायरस संक्रमण पाया गया है। क्या है जीका वायरस जीका वायरस एक मच्छर जनित वायरस है, जिसकी पहचान सर्वप्रथम 1947 में युगांडा में रीसस मैकाक बंदर में हुई थी, जिसके बाद 1950 से 1980 के बीच तक अफ्रीका और एशिया में छिटपुट मानव संक्रमण का पता चला था। हालांकि, 2007 से अफ्रीका, अमेरिका, एशिया और प्रशांत क्षेत्र में जीका वायरस रोग के प्रकोप दर्ज किए गए हैं। हाल के कुछ वर्षों में भारत के...

नारियल पानी : वजन कम करने से लेकर मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में सहायक

Pic Credit- freepik नारियल पानी पोषक तत्वों से भरपूर होता है। कोरोना महामारी के दौरान डॉक्टरों ने मरीजों को नारियल पानी पीने की सलाह दी थी। उसके बाद से नारियल पानी का उपयोग काफी बढ़ गया है। इसके फायदों को देखते हुए पहले भी नारियल पानी पीने वालों की कमी नहीं थी। नारियल पानी हरे नारियल के अंदर पाया जाने वाला तरल है। नारियल के दूध के विपरीत, नारियल पानी में कैलोरी और वसा कम होती है। लेकिन यह आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमे पोटेशियम, मैग्नीशियम और सोडियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। नारियल पानी एंटीऑक्सीडेंट का भी अच्छा स्रोत है। वजन घटाने में कारगर है नारियल पानी वजन कम करने के लिए नारियल पानी बेहतर विकल्प हो सकता है। नारियल पानी शरीर में जलयोजन के स्तर को बनाए रखने में अत्यधिक प्रभावी है। जलयोजन शरीर की वसा को जलाने की क्षमता को बढ़ा सकता है। इसके साथ ही नारियल पानी एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक के रूप में कार्य करता है, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों और अतिरिक्त तरल पदार्थ को बाहर निकालने में मदद ...

बारिश में भीगने के बाद करें रखें इन बातों का ध्यान, नहीं होंगे कभी बीमार

Pic Credit- freepik बारिश में भीगना बहुत से लोगों को अच्छा लगता है। जरा सी बारिश हुई वे उसमें नहाने से खुद को नहीं रोक पाते हैं। कई बार हम घर से बाहर किसी काम पर निकले होते हैं और अचानक तेज बारिश हो जाती है। ऐसे में भीगना हमारी मजबूरी हो जाता है। जिन व्यक्तियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उन्हे बारिश की मस्ती परेशानी में डाल सकती है। बारिश के साथ-साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। बारिश में भीगने के बाद ठंड लगना, खांसी, जुकाम और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बारिश में भीगने के बाद कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।  बारिश में नहाने के तुरंत बाद या ना चाहते हुए भीग गए हैं तो ये उपाय जरूर करें—   गीले कपड़े बदलें   बारिश में भीगने के बाद भीगे हुए कपड़े तुरंत बदल दें। भीगे हुए कपड़े शरीर को ठंडा रखते हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं।   शरीर को सुखाएं   भीगे हुए कपड़े बदलने के बाद शरीर को अच्छी तरह से सुखाएं। तौलिए से शरीर को पोंछें और हल्के गुनगुने पानी से से नहाएं। गर्म पानी, चाय या काफी पिएं   बारिश म...

मानसून में डेंगू का खतरा, ये हैं लक्षण और बचाव के उपाय

Pic Credit- freepik मानसून के साथ ही मौसमी बीमारियों की भी दस्तक हो जाती है। बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ने और गड्ढों में पानी जमा होने की वजह से वायरस, बैक्टीरिया और मच्छर पनपने लगते हैं। इससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बारिश के दिनों में मच्छरों के काटने से सबसे ज्यादा डेंगू के मामले सामने आते हैं। कई बार डेंगू से पीड़ित मरीजों में हल्के या कोई लक्षण नहीं दिखते और वे 1-2 हफ्ते में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कभी-कभी डेंगू जानलेवा भी बन जाता है। दरअसल, डेंगू एक वायरल इन्फेक्शन है, जो ऐडीस मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू का वायरस शरीर में प्रवेश करने के बाद सबसे पहले प्लेटलेट्स को प्रभावित करता है। प्लेटलेट्स में तेजी से गिरावट आती हैं और इससे शरीर का इम्यून सिस्टम यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। डेंगू के लक्षण  तेज बुखार के साथ मसल्स, सिर और जोड़ों में तेज दर्द होता है। कई मामलों में यह देखा जाता है कि 2 से 3 दिन बुखार रहने पर हाथ, पैर, पीठ या सीने पर लाल चकत्ते भी आने लगते हैं, जिनमें खुजली भी होती है। कभी-कभी बहुत सीवियर डेंगू भी होता है। जिस...