खाने में नमक का बैलेंस बिगाड़ सकता है सेहत, बरतें सावधानी

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नमक कितनी मात्रा में खाना चाहिए? कौन सा नमक खाना सही रहता है? नमक को लेकर ये सवाल अक्सर उठते रहते हैं। शरीर में नमक की मात्रा कम अथवा ज्यादा, दोनों ही स्थितियां नुकसानदायक रहती है।

दरअसल, हमारे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स यानि आवश्यक खनिज बैलेंस करने के लिए दो चीजों की ज़रूरत होती है- एक, सोडियम और दूसरा, पोटैशियम। इनके असंतुलन से अनेक बीमारियां हो सकती हैं। शरीर में पोटैशियम ज़्यादा हो जाए तो हाइपरकैलेमिया हो जाता है। अगर सोडियम यानि नमक ज़्यादा हो जाता है तो हाइपरनेट्रेमिया अर्थात रक्त में सोडियम का स्तर बढ़ जाना, हो जाता है। अगर नमक कम हो जाता है तो हाइपोनेट्रिमिया (रक्त में सोडियम का स्तर कम होना) हो जाता है और पोटैशियम कम होने पर हाइपोकैलिमिया हो जाता है।

यूं होती हैं नमक की कमी

नमक की कमी के बहुत सारे कारण हो सकते हैं, जैसे हमने सारा दिन काफी मात्रा में पानी पिया लेकिन पूरे दिन नमक का सेवन पर्याप्त नहीं था जिसकी वजह से हमारे शरीर में मौजूद सोडियम घुलकर बाहर निकल गया या फिर किडनी के सही ढंग से काम न करने की वजह से सही फिल्ट्रेशन नहीं हुआ या कोई डाययूरेटिक्स (पेशाब बढ़ाने वाली दवा) ले रहे हैं जिसकी वजह से आपका सोडियम स्तर कम हो गया है। सोडियम का स्तर कम होने से आपको कई समस्याएं आ सकती हैं जैसे दिमाग का ठीक से काम न करना, भ्रमित होना, चीज़ों को पहचानने में मुश्किल आना आदि।

ब्लड प्रेशर पर असर

नमक का अधिक सेवन करने पर ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और लगातार मात्रा कम रहने पर ब्लड प्रेशर कम हो जाता है इसलिए नमक का सेवन उचित मात्रा में करें। यदि कोई बीमारी नहीं है या हार्ट, किडनी से संबंधित कोई बीमारी नहीं है तो पूरे दिन में सिर्फ एक चम्मच नमक लेना चाहिए। जब आप खाना पका रहे हैं तभी नमक मिलाएं। अलग से भोजन में नमक नहीं डालना है।

कौन सा नमक उपयोग करना चाहिए

  • काले नमक में आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम भरपूर होते हैं। इसमें एक तेज़ गंध होती है। इसका सेवन नींबूपानी, तीखी चटनी, अचार या सलाद में किया जाता है।

  • पिंक साल्ट यानि सेंधा नमक का इस्तेमाल अधिकतर व्रत में किया जाता है, इसमें आयरन व ज़िंक होता है। कई लोग मानते हैं कि सेंधा नमक ही उपयोग करें, लेकिन सेंधा नमक में आयोडीन नहीं होता, सोडियम भी कम होता है जिसकी वजह से हाइपरथाइरॉइड होने की आशंका बढ़ जाती है।

  • सामान्य नमक यानी वो नमक जो आयोडीन के साथ फोर्टिफाइड किया गया हो, वही इस्तेमाल करें। अगर डॉक्टर या डायटीशियन ने नमक कम करने को कहा है तो यह हर तरह के नमक पर लागू है। ‘वैरी लो सॉल्ट’ का विकल्प ना चुनें। अत: सामान्य नमक का इस्तेमाल करना बेहतर है। फ्लेवर के लिए सेंधा नमक या काले नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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