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मानसून के साथ ही मौसमी बीमारियों की भी दस्तक हो जाती है। बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ने और गड्ढों में पानी जमा होने की वजह से वायरस, बैक्टीरिया और मच्छर पनपने लगते हैं। इससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बारिश के दिनों में मच्छरों के काटने से सबसे ज्यादा डेंगू के मामले सामने आते हैं।
कई बार डेंगू से पीड़ित मरीजों में हल्के या कोई लक्षण नहीं दिखते और वे 1-2 हफ्ते में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कभी-कभी डेंगू जानलेवा भी बन जाता है। दरअसल, डेंगू एक वायरल इन्फेक्शन है, जो ऐडीस मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू का वायरस शरीर में प्रवेश करने के बाद सबसे पहले प्लेटलेट्स को प्रभावित करता है। प्लेटलेट्स में तेजी से गिरावट आती हैं और इससे शरीर का इम्यून सिस्टम यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है।
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार के साथ मसल्स, सिर और जोड़ों में तेज दर्द होता है। कई मामलों में यह देखा जाता है कि 2 से 3 दिन बुखार रहने पर हाथ, पैर, पीठ या सीने पर लाल चकत्ते भी आने लगते हैं, जिनमें खुजली भी होती है। कभी-कभी बहुत सीवियर डेंगू भी होता है। जिसे डेंगू शॉक सिंड्रोम या डेंगू हेमरेजिक फीवर कहा जाता है। यह स्थिति काफी खतरनाक साबित हो सकती है। इसमें प्लेटलेट्स और वाइट ब्लड सेल्स की संख्या कम होने लगती है। साथ ही नाक, मसूढ़ों या मल से खून आने लगता है। ऐसी स्थिति में तत्काल इलाज न मिलने पर पीड़ित की मौत भी हो सकती है।
डेंगू बुखार से बचाव के उपाय
डेंगू का मच्छर स्थिर पानी में प्रजनन करता है, इसलिए घर के आसपास नाली, गमलों, पुराने टायरों या छत के कोनों जैसी जगहों पर पानी को रुकने न दें। बारिश के समय ऐसी जगहों की नियमित साफ-सफाई करें। इसके अलावा मच्छरों को मारने वाली कॉइल या वेपोराइजर का इस्तेमाल करें। घर में सूखी नीम के पत्ते भी जलाकर धुआं करने से भी मच्छर खत्म होते है।
जब डेंगू की चपेट में आ जाए तो क्या करें
डेंगू के लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा खाएं। डेंगू के इलाज के दौरान प्लेटलेट्स की नियमित मॉनिटरिंग करना सबसे जरूरी है, क्योंकि डेंगू फीवर में खून में से प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। प्लेटलेट्स की संख्या ज्यादा कम होने से शरीर में रक्तस्त्राव हो सकता है। इसलिए डेंगू के मरीज की सीबीसी जांच जरूर कराएं। डेंगू से जल्दी रिकवर होने के लिए पौष्टिक और संतुलित भोजन करना चाहिए । इससे शरीर को वायरस से लड़ने की शक्ति मिलेगी। इसके लिए विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर फल खाएं। इसके लिए संतरा, कीवी और नींबू जैसे सिट्रस फल खा सकते हैं। ये विटामिन सी का बेहतरीन सोर्स होते हैं और इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं।
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